“ कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है, ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है, अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं, ” – स्वामी विवेकानंद “ इस दुनिया में सभी भेद-भाव किसी स्तर के हैं, ना कि प्रकार के, क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है, ” – स्वामी विवेकानंद “ एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो, ” – स्वामी विवेकानंद “ किसी चीज से डरो मत, तुम अद्भुत काम करोगे, यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है, ” – स्वामी विवेकानंद “ कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो, जो देना है वो दो, वो तुम तक वापस आएगा, पर उसके बारे में अभी मत सोचो, ” – स्वामी विवेकानंद “ जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, ” – स्वामी विवेकानंद “ जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो, सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं, ” – स्वामी विवेकानंद “ प्रेम विस्तार है, स्वार्थ संकुचन है, इसलिए प्रेम जीवन का सिद्धांत है, वह जो प्रेम करता है जीत...